प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने नवीनतम बयान में राष्ट्र के विकास और समृद्धि की दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था, डिजिटल इंडिया अभियान, और वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक को सशक्त और सक्षम बनाना है, जिससे आत्मनिर्भर भारत का सपना पूरा किया जा सके।
अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि डिजिटल क्रांति ने आम नागरिकों के जीवन में अभूतपूर्व बदलाव लाया है। डिजिटल इंडिया के तहत करोड़ों नागरिक अब सीधे सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन शिक्षा, और ई-गवर्नेंस ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत डिजिटल क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि क्षेत्र में किए गए सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने किसानों को कृषि तकनीकों, सिंचाई व्यवस्था, बेहतर बीज और फसलों के उचित मूल्य दिलाने की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि को आधुनिक बनाना आवश्यक है ताकि युवा पीढ़ी इसे एक लाभदायक व्यवसाय के रूप में अपना सके।
स्वास्थ्य क्षेत्र पर बोलते हुए मोदी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से करोड़ों लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भारत ने अपनी क्षमता और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है। देश ने रिकॉर्ड समय में वैक्सीन का विकास और वितरण करके विश्व में अपनी अलग पहचान बनाई है। मोदी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आने वाले वर्षों में हर भारतीय तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से पहुंच सकें।
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को केंद्र में रखते हुए कहा कि भारत की युवा शक्ति दुनिया की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कौशल विकास, शिक्षा में सुधार, और रोजगार सृजन के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख किया। मोदी ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया, और कौशल विकास मिशन ने युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं। सरकार का ध्यान युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने पर है ताकि भारत आने वाले दशकों में दुनिया का नेतृत्व कर सके।
प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की मजबूत होती भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत ने जी20 की अध्यक्षता के दौरान दुनिया के समक्ष पर्यावरण संरक्षण, आर्थिक सहयोग, और आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाने का मुद्दा प्रभावी ढंग से रखा। मोदी ने कहा कि भारत की कूटनीति अब ज्यादा मजबूत, निर्णायक और प्रभावशाली है।
उन्होंने भारत के बुनियादी ढांचे में भारी निवेश पर जोर देते हुए कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे का आधुनिकीकरण, बंदरगाहों और हवाई अड्डों का विकास देश की आर्थिक प्रगति को गति दे रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बेहतर बुनियादी ढांचे से उद्योगों के विकास और नए रोजगार के सृजन में तेजी आई है।
अपने संबोधन के अंत में मोदी ने सभी नागरिकों से देश के विकास में सहयोग और भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से ही भारत की विकास यात्रा सफल हो सकती है। मोदी ने भरोसा जताया कि आने वाला समय भारत के लिए ऐतिहासिक होगा, जब प्रत्येक भारतीय आत्मनिर्भर, समृद्ध और खुशहाल होगा।


















