भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हाल ही में देश के 15 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। यह चेतावनी 23 फरवरी 2025 तक प्रभावी रहेगी, जिसमें पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती परिसंचरण का महत्वपूर्ण योगदान है। इन मौसमी गतिविधियों के परिणामस्वरूप, उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं।
पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण का प्रभाव
पश्चिमी विक्षोभ वर्तमान में उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे क्षेत्रों में सक्रिय है, जबकि बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण विकसित हो रहा है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों और पूर्वोत्तर राज्यों में व्यापक बारिश और आंधी की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति 23 फरवरी तक बनी रह सकती है।
प्रभावित राज्य और संभावित मौसम परिवर्तन
IMD के अनुसार, जिन 15 राज्यों में बारिश और आंधी की संभावना है, उनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पंजाब और हरियाणा शामिल हैं। इन राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश, कुछ स्थानों पर भारी बारिश, और 30 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
दिल्ली और उत्तर प्रदेश
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, और आगामी दिनों में हल्की बारिश और आंधी की संभावना है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी घने कोहरे और ठंड के साथ बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
राजस्थान
राजस्थान के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। IMD ने राज्य में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई है, जिससे किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पूर्वोत्तर राज्य
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, और त्रिपुरा में भी बारिश और आंधी की संभावना है। इन राज्यों में 23 फरवरी तक छिटपुट से लेकर मध्यम दर्जे की वर्षा हो सकती है, जिससे स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
संभावित प्रभाव और सावधानियाँ
इन मौसमी परिवर्तनों के कारण विभिन्न क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है। कृषि कार्यों में बाधा, यातायात में व्यवधान, और कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। IMD ने स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने, मौसम पूर्वानुमान का पालन करने, और आवश्यक सावधानियाँ बरतने की सलाह दी है।
निष्कर्ष
पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के संयुक्त प्रभाव से देश के 15 राज्यों में मौसम में महत्वपूर्ण परिवर्तन हो रहे हैं। IMD द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार, नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए ताकि संभावित जोखिमों से बचा जा सके।

















